US-Iran Ceasefire: अमेरिका ने बढ़ाया युद्धविराम का समय, पाकिस्तान की मध्यस्थता से टला खतरा, UN चीफ ने किया स्वागत

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। यह फैसला पाकिस्तान की कोशिशों के बाद लिया गया है ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुल सके।

अमेरिका ने युद्धविराम क्यों बढ़ाया और इसका क्या असर होगा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। यह समझौता 23 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने इस समय सीमा को बढ़ाने की मांग की थी ताकि ईरान को एक ठोस प्रस्ताव तैयार करने का समय मिल सके। हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी जारी रहेगी।

UN चीफ और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह कदम कूटनीति और भरोसे को बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी था। उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और ऐसी किसी भी हरकत से बचें जिससे यह शांति भंग हो। साथ ही, UN ने बातचीत को आसान बनाने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का पूरा समर्थन किया है।

ईरान का क्या रुख है और आगे क्या होगा?

जहां एक तरफ अमेरिका और UN खुश हैं, वहीं ईरान के अधिकारी अभी भी शांत हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम की शर्तों को तोड़ा है और वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा। ईरान की संसद के एक सलाहकार ने तो यहाँ तक कह दिया कि इस समय सीमा को बढ़ाने का कोई खास मतलब नहीं है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस का इस्लामाबाद जाने का प्रोग्राम भी फिलहाल टल गया है।