अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम का फैसला हुआ है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देश अब बातचीत के लिए राजी हुए हैं। हालांकि, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यह भारत के लिए सिर्फ कुछ समय की राहत है और असल संकट अभी टला नहीं है। ब्रोकरेज के मुताबिक यह युद्ध का पूरी तरह अंत नहीं है, बल्कि सिर्फ एक छोटा ठहराव है।

युद्ध विराम की मुख्य शर्तें और ताजा अपडेट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए हमलों को रोकने का फैसला किया है। इसकी मुख्य शर्त यह है कि ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह सुरक्षित और तुरंत खोलना होगा। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस दो हफ्ते के युद्ध विराम को स्वीकार कर लिया है। अब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुक्रवार से बातचीत शुरू होगी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति आएगी।

भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर इसका असर

Bernstein के विश्लेषक वेणुगोपाल गारे के अनुसार, इस युद्ध विराम से भारत को केवल छोटी राहत मिली है। इसके कुछ बड़े प्रभाव इस तरह हो सकते हैं:

  • तेल सेक्टर: कच्चे तेल पर निर्भर कंपनियों जैसे पेंट, एविएशन, फार्मा और लॉजिस्टिक को फायदा होगा।
  • मार्केट टारगेट: ब्रोकरेज ने साल के अंत तक निफ्टी के लिए 26,000 का लक्ष्य रखा है।
  • क्रूड ऑयल: तेल की कीमतें 85 से 90 डॉलर के बीच रहने का अनुमान है, बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।
  • रुपया: रिपोर्ट में पहले चेतावनी दी गई थी कि मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ने पर रुपया डॉलर के मुकाबले 98 तक गिर सकता है।

ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए दूतावास की सलाह

शांति वार्ता की घोषणा के बावजूद तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक जरूरी सलाह जारी की है। इसमें वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान से बाहर निकलने को कहा गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते को काफी नाजुक बताया है और साफ किया है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। पाकिस्तान ने इस पूरे समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अहम भूमिका अदा की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.