अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी राहत की खबर आई है। दोनों देशों ने 2 हफ़्ते के लिए युद्ध रोकने पर सहमति जताई है और यह युद्धविराम 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। अब शुक्रवार 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होगी। ईरान ने इस कदम को अपनी ऐतिहासिक जीत बताया है क्योंकि अमेरिका बातचीत के लिए ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के ढांचे को स्वीकार करने के लिए तैयार हुआ है।

ℹ️: ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते का युद्धविराम लागू, पाकिस्तान ने कराई सुलह, अब इस्लामाबाद में होगी अगली बड़ी बैठक.

ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव की प्रमुख शर्तें और नियम

तेहरान ने स्पष्ट किया है कि आगामी बातचीत उसके द्वारा दिए गए 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित होगी। इस प्रस्ताव में क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक नियमों को लेकर कई बड़ी बातें शामिल हैं जो खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

  • Strait of Hormuz पर ईरान का पूरा नियंत्रण बना रहेगा।
  • ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
  • ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएंगे।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और IAEA के सभी पुराने प्रस्तावों को खत्म करना होगा।
  • युद्ध में हुए नुकसान के लिए ईरान को हर्जाने का भुगतान किया जाएगा।
  • अमेरिकी लड़ाकू बलों को इस पूरे क्षेत्र से पूरी तरह बाहर निकलना होगा।

बातचीत का कार्यक्रम और आम जनता पर इसका असर

पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है। इस शांति प्रक्रिया से खाड़ी क्षेत्र में यात्रा करने वाले यात्रियों और काम करने वाले प्रवासियों को सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है।

विषय महत्वपूर्ण जानकारी
युद्धविराम की अवधि दो सप्ताह (7 अप्रैल से शुरू)
बातचीत की तारीख शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
Strait of Hormuz 2 हफ्ते तक जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता खुला रहेगा
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (इस्लामाबाद)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार बताया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पुष्टि की है कि युद्धविराम के दौरान समुद्री रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र बलों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इजराइल ने भी इस युद्धविराम का समर्थन किया है लेकिन स्पष्ट किया है कि यह लेबनान पर लागू नहीं होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.