अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर (युद्धविराम) समझौते को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तान, जो इस पूरे मामले में मध्यस्थता कर रहा है, उसने साफ कर दिया है कि लेबनान इस समझौते का अहम हिस्सा था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि लेबनान को लेकर इतना भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है, जबकि वह समझौते के बयान में साफ तौर पर शामिल था. यह संकट तब और बढ़ गया जब अमेरिका और इजरायल ने लेबनान को समझौते से बाहर बताया और वहां बमबारी जारी रखी.

सीजफायर समझौते को लेकर किसने क्या कहा?

इस पूरे मामले में अलग-अलग देशों के बयानों ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ पाकिस्तान और ईरान इसे पूरी तरह लागू मान रहे हैं, वहीं अमेरिका और इजरायल ने अलग रुख अपनाया है. इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि समझौते में लेबनान भी शामिल है और यह तुरंत प्रभावी है.
  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस ने साफ कहा कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है.
  • इजरायल: प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पाकिस्तान के दावों को गलत बताते हुए कहा कि लेबनान में उनके सैन्य हमले जारी रहेंगे.
  • लेबनान: सरकार ने इजरायली हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है.

लेबनान की वर्तमान स्थिति और समझौते का भविष्य

8 अप्रैल 2026 को जब ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा हुई थी, तब शांति की उम्मीद जागी थी. लेकिन उसी दिन और अगले दिन लेबनान में हुए भारी इजरायली हमलों ने स्थिति बिगाड़ दी, जिसमें सैकड़ों नागरिक मारे गए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने को कहा है. अब सबकी नजरें 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में होने वाली अगली बातचीत पर हैं.

  • मध्य पूर्व में ताजा तनाव की शुरुआत
  • महत्वपूर्ण घटनाक्रम तारीख
    ईरान-अमेरिका युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
    2 मार्च 2026
    दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान 8 अप्रैल 2026
    लेबनान पर इजरायल के बड़े हमले 8-9 अप्रैल 2026
    इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता 11 अप्रैल 2026

    इस विवाद के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता इन वार्ताओं की सफलता पर निर्भर करती है. लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने पाकिस्तान से संपर्क कर अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की है ताकि सीजफायर को लेबनान में भी लागू कराया जा सके.

    Nura Basta

    Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.