अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम (ceasefire) को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। व्हाइट हाउस ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने औपचारिक रूप से इस समयसीमा को बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, प्रशासन ने यह साफ़ किया है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत अभी भी जारी है और नतीजे सकारात्मक आने की उम्मीद है।
सीजफायर और बातचीत की क्या है ताजा स्थिति?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बुधवार को स्पष्ट किया कि सीजफायर बढ़ाने के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है। उन्होंने ऐसी खबरों को गलत रिपोर्टिंग बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत उत्पादक है और अमेरिका को समझौते की संभावनाओं पर भरोसा है। वर्तमान सीजफायर 8 अप्रैल 2026 को तय हुआ था, जिसकी समयसीमा 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है।
समझौते में मुख्य रुकावटें और ईरान की चेतावनी
दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ गंभीर मुद्दे अब भी फंसे हुए हैं। अमेरिका के लिए ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक बड़ी चिंता है, जबकि ईरान चाहता है कि उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाई जाए और प्रतिबंध खत्म हों। ईरान के सैन्य अधिकारी Ali Abdollahi ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी नहीं हटी, तो ईरान फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में व्यापार पूरी तरह बंद कर देगा।
मध्यस्थता और आगामी बैठकों की जानकारी
इस पूरे विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान और चीन अहम भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir 15 अप्रैल को बातचीत के लिए तेहरान पहुंचे। आने वाले दौर की बातचीत संभवतः इस्लामाबाद में होगी। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि चीन भी इन बातचीत की प्रक्रिया में शामिल है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| सीजफायर समाप्ति तिथि | 22 अप्रैल 2026 |
| मुख्य वार्ताकार (US) | JD Vance |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान और चीन |
| अगली बैठक का संभावित स्थान | इस्लामाबाद |
| मुख्य विवाद | परमाणु कार्यक्रम और बंदरगाह नाकेबंदी |
| ईरान की मांग | प्रतिबंधों की समाप्ति और यूरेनियम संवर्धन जारी रखना |
