अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध विराम (ceasefire) खत्म करने का ऐलान किया है। दोनों देशों के बीच सैन्य हमले तेज हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के अंकारा में नाटो (NATO) समिट के दौरान कहा कि उनके लिए यह समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरानी नेताओं के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और साफ कर दिया कि अब वह बातचीत में दिलचस्पी नहीं रखते।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार दो दिनों तक ईरान के ठिकानों पर जोरदार हमले किए। जवाब में ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।

समझौता क्यों टूटा

यह युद्ध विराम अप्रैल 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ था, जिसे जून में आगे बढ़ाया गया था। इस समझौते (MoU) के तहत दोनों देशों को सैन्य कार्रवाई रोकनी थी। ईरान को तेल प्रतिबंधों में ढील मिलने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलना था।

यह समझौता तब टूटा जब सोमवार और मंगलवार के बीच तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ। अमेरिका ने इसे समझौते का सीधा उल्लंघन माना, जबकि ईरान का कहना था कि उसे तय करने का अधिकार है कि कौन सा जहाज सुरक्षित है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि समझौते का मतलब व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकना था।

हमलों का असर और प्रतिक्रिया

नाटो चीफ मार्क रूट ने अमेरिकी हमलों को बिल्कुल जरूरी बताया। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबफ ने अमेरिका पर संधि तोड़ने और तेल प्रतिबंध दोबारा लगाने का आरोप लगाया।

अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड नेटवर्क, रडार साइट और IRGC के जहाजों को निशाना बनाया गया। ईरान के खार्ग आइलैंड, बंदर अब्बास, सिरिक और केशम आइलैंड पर धमाके हुए, जिसमें एक रिवोल्यूशनरी गार्ड सदस्य की मौत हो गई। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान को दी गई तेल प्रतिबंधों की सभी छूट वापस ले ली हैं।

अन्य प्रभाव

  • तनाव के कारण अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ का इजराइल दौरा रद्द कर दिया गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने जहाज मालिकों को सुरक्षा कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर रहने की सलाह दी है।
  • ईरान में छात्रों ने गुस्से में 600 से ज्यादा सरकारी यूनिवर्सिटी वेबसाइट्स पर कब्जा कर लिया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि भविष्य में कोई भी सैन्य कार्रवाई बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.