US-Iran Tension: अमेरिका ने युद्धविराम बढ़ाने से किया इनकार, पाकिस्तान बना इकलौता मध्यस्थ, बातचीत जारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि उसने युद्धविराम (ceasefire) बढ़ाने की कोई मांग नहीं की है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और इसमें पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में पाकिस्तान का क्या रोल है?
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान इस बातचीत में इकलौता मध्यस्थ (sole mediator) है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir हाल ही में तेहरान पहुंचे हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दूसरे दौर की तैयारी की जा सके। अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है और अगली मीटिंग इस्लामाबाद में होने की पूरी संभावना है।
युद्धविराम और नौसैनिक नाकाबंदी पर क्या स्थिति है?
दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल को हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा है कि अभी समय सीमा बढ़ाने पर कोई सहमति नहीं बनी है। वहीं, अमेरिका ने साफ किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) पूरी तरह लागू है और इसे हटाया नहीं गया है।
मुख्य जानकारी एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| युद्धविराम समाप्ति तिथि | 22 अप्रैल 2026 |
| मुख्य मध्यस्थ | पाकिस्तान |
| प्रमुख अधिकारी | Karoline Leavitt (US), Asim Munir (Pakistan) |
| नाकाबंदी की स्थिति | पूरी तरह लागू (Fully Enforced) |
| संभावित बैठक स्थल | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |