अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जहां एक तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth कह रहे हैं कि युद्ध रोकने का समझौता अभी भी चालू है, वहीं राष्ट्रपति Donald Trump का मानना है कि यह समझौता अब खत्म होने की कगार पर है। इस खींचतान से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मची हुई है और लोग आने वाले समय को लेकर चिंतित हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire की ताज़ा स्थिति क्या है?

दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने का समझौता 8 अप्रैल 2026 को दो हफ़्तों के लिए हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया। 12 मई 2026 को रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा कि ceasefire अभी भी लागू है। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले, 11 मई को राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया कि यह समझौता अब लाइफ सपोर्ट पर है और अपनी सबसे कमज़ोर स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए उसे कचरे का टुकड़ा कहा।

सीमा पर तनाव और सैन्य हलचल की क्या वजह है?

  • आपसी आरोप: अमेरिका और ईरान दोनों ने एक-दूसरे पर ceasefire तोड़ने का आरोप लगाया।
  • समुद्री टकराव: Strait of Hormuz में अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरानी हमलों को रोका और ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले हुए।
  • कूटनीतिक कोशिशें: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ इस मुद्दे पर बात की। वहीं, कतर के विदेश मंत्री ने भी राजनयिक कोशिशों को बढ़ाने के लिए अमेरिका का दौरा किया।
  • मध्यस्थता: पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और कतर जैसे देश इस युद्ध को रोकने के लिए बीच-बचाव कर रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है और अमेरिकी तैयारी क्या है?

रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कांग्रेस के सामने अपनी बात रखी और कहा कि अमेरिका के पास स्थिति बिगड़ने पर सैन्य ताकत बढ़ाने या अपने संसाधनों को बदलने की योजना तैयार है। दूसरी ओर, ईरान के मुख्य वार्ताकार ने वॉशिंगटन से अपील की है कि वे तेहरान के शांति प्लान को स्वीकार करें ताकि इस समझौते को पूरी तरह फेल होने से बचाया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire कब शुरू हुआ था?

यह समझौता 8 अप्रैल 2026 को दो हफ़्तों के लिए शुरू हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राष्ट्रपति ट्रंप ने 11 मई 2026 को ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और इसे कचरे का टुकड़ा कहा।