अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए दो हफ्ते के युद्धविराम यानी सीजफायर की घोषणा की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि Strait of Hormuz को जहाजों की आवाजाही के लिए सुरक्षित और पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इस समझौते के बाद ईरान को अपने देश में फिर से निर्माण कार्य शुरू करने का मौका मिलेगा और इस इलाके में व्यापारिक गतिविधियों से काफी पैसा कमाया जा सकेगा।

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Strait of Hormuz में कैसे होगा अब कामकाज?

इस समझौते के तहत अमेरिका Strait of Hormuz में जहाजों के ट्रैफिक को मैनेज करने में मदद करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इससे बहुत बड़ी रकम कमाई जाएगी और ईरान अपना पुनर्निर्माण शुरू कर सकेगा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी इस दो हफ्ते की जंगबंदी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा और मैनेजमेंट का जिम्मा ईरान की सेना के समन्वय के साथ ही रहेगा। ईरान इसे अपनी बड़ी जीत मान रहा है क्योंकि इसमें उसके 10 सूत्रीय प्लान को जगह मिली है।

जहाजों से लिया जाएगा ट्रांजिट फीस और बाजार पर असर

इस नई व्यवस्था के तहत अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट फीस यानी रास्ता शुल्क देना पड़ सकता है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके बड़े असर देखने को मिले हैं।

  • ट्रांजिट फीस: ईरान और ओमान इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से फीस वसूल सकते हैं जिसका उपयोग ईरान अपने देश को फिर से बनाने में करेगा।
  • कच्चा तेल: सीजफायर की खबर के बाद WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • शेयर बाजार: अमेरिका के स्टॉक फ्यूचर्स में मजबूती देखी गई क्योंकि एक महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ता खुल गया है।
  • अगली बैठक: इस समझौते को स्थाई बनाने के लिए शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होगी।

शांति प्रक्रिया में किन देशों की है भूमिका?

इस पूरे युद्धविराम को सफल बनाने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में बड़ी भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिका इस प्रक्रिया के दौरान वहीं मौजूद रहेगा ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे। इस समझौते में इजरायल ने भी अपनी सहमति दे दी है हालांकि यह सीजफायर लेबनान के लिए लागू नहीं होगा। ट्रांजिट फीस को लेकर ईरान का मानना है कि उसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने का हक है ताकि वह अपनी अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर ला सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com