अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता अब टूटने की कगार पर है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसराइल के पूर्व प्रवक्ता एयलोन लेवी ने इस कदम को समुद्री डकैती करार दिया है और कहा है कि ईरान पूरी दुनिया को ब्लैकमेल कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या समस्या है?

ईरान ने 8 अप्रैल 2026 को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से बंद कर दिया। अब यहाँ से दिन में अधिकतम 15 जहाजों को ही गुजरने की अनुमति मिल रही है, जिससे सामान्य ट्रैफिक का केवल 7 प्रतिशत हिस्सा ही निकल पा रहा है। ईरान ने जहाजों के लिए खास रूट तय किए हैं और चेतावनी दी है कि इन रास्तों के बाहर माइंस बिछी हुई हैं। अमेरिका का कहना है कि यह समझौते का उल्लंघन है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने रास्ते को पूरी तरह और तुरंत खोलने की शर्त रखी थी।

अमेरिका और इसराइल का क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की कार्यप्रणाली की आलोचना की और कहा कि यह उनके बीच हुए समझौते के खिलाफ है। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि वे ईरान के सहयोग के बिना भी इस रास्ते को खुलवाएंगे और जरूरत पड़ी तो ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बमबारी भी कर सकते हैं। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि यह ceasefire लेबनान या हिजबुल्लाह पर लागू नहीं होता है। इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

शांति वार्ता और मुख्य घटनाक्रम

12 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच शांति वार्ता शुरू होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बातचीत का नेतृत्व करने के लिए पाकिस्तान जा चुके हैं। ईरान ने अपनी शर्तों में परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने, प्रतिबंध हटाने और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस पाने की मांग की है।

तारीख मुख्य घटना
7 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का ceasefire समझौता हुआ
8 अप्रैल 2026 ईरान ने दोबारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया
9 अप्रैल 2026 ट्रम्प ने ईरान की आलोचना की, कुवैत पर ड्रोन हमला हुआ
10 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरान पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया
11 अप्रैल 2026 एयलोन लेवी ने समझौते के टूटने की चेतावनी दी
12 अप्रैल 2026 पाकिस्तान में शांति वार्ता शुरू होगी