अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान की कोशिशें जारी हैं. इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है. हालांकि, अब इस कोशिश में लगाया जा रहा है कि मौजूदा सीजफायर की अवधि को बढ़ाया जाए ताकि बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद न हो.

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इस्लामाबाद में हुई बातचीत क्यों रही नाकाम

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में 21 घंटे तक गहन चर्चा करते रहे. अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट J.D. Vance ने बताया कि ईरान ने उनकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है. अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताए. ईरान की तरफ से भी प्रवक्ता इस्माइल बकायी ने पुष्टि की कि यह वार्ता सफल नहीं रही.

सीजफायर को आगे बढ़ाने की क्या है स्थिति

दोनों देशों के बीच लागू 14 दिनों का सीजफायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है. इज़राइली ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी के अनुसार, इसे आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर अल बुसाइड ने भी अपील की है कि सीजफायर बढ़ाया जाए और बातचीत जारी रहे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने दोनों देशों से आग्रह किया है कि वे मौजूदा समझौते का पालन करें.

ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ता तनाव

बातचीत फेल होने के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के करीब आने वाले सैन्य जहाजों को सख्त जवाब दिया जाएगा. दूसरी तरफ, इज़राइल लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा है. इज़राइल का कहना है कि सीजफायर का नियम लेबनान पर लागू नहीं होता, जबकि ईरान और पाकिस्तान इस बात का विरोध कर रहे हैं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.