अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध पर अब ब्रेक लग गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के द्विपक्षीय युद्ध विराम की घोषणा की है। इस फैसले के तहत अमेरिका ईरान पर अपनी बमबारी रोक देगा और बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत व्यापार के लिए खोल देगा। इस ऐतिहासिक फैसले में पाकिस्तान ने एक बड़े मध्यस्थ की भूमिका निभाई है जिससे खाड़ी देशों में तेल की सप्लाई फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।

युद्ध विराम के मुख्य नियम और शर्तें क्या हैं?

ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच हुए इस समझौते के तहत अगले दो हफ्तों तक दोनों तरफ से कोई भी हमला नहीं होगा। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब शांति की ओर बढ़ने का समय है। ईरान ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है जिस पर आने वाले दिनों में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत होगी। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि यह युद्ध विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा और वहां हमले जारी रहेंगे।

समझौते की मुख्य बातें और बाजार पर इसका असर

इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है और अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में उछाल आया है। ईरान ने अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोकने और समुद्र के रास्ते को सुरक्षित बनाने का वादा किया है। समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

मुख्य बिंदु विवरण
युद्ध विराम की अवधि 7 अप्रैल से अगले 14 दिन तक
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान तुरंत खोलने को तैयार हुआ
मध्यस्थता पाकिस्तान के पीएम और सेना प्रमुख ने की
ईरान की मांग प्रतिबंधों को हटाना और सैन्य वापसी
इजरायल का रुख सहमत, लेकिन लेबनान को बाहर रखा
अगली बैठक शुक्रवार को इस्लामाबाद में बातचीत संभव

इस फैसले से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक जहाजों को बड़ी राहत मिली है। ईरान की तरफ से आए 10 सूत्रीय प्रस्ताव में तेल की सप्लाई बहाली, जमी हुई संपत्ति को वापस करने और यूरेनियम संवर्धन जैसे मुद्दे शामिल हैं। ट्रंप ने इसे शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे लंबे समय तक चलने वाला शांति समझौता हो पाएगा।