अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ़ कर दिया है कि वह ईरान के साथ चल रहे दो हफ्ते के सीजफायर को आगे नहीं बढ़ाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह इस झगड़े को खत्म करने के लिए एक समझौते या डील के पक्ष में हैं। ट्रंप का मानना है कि यह युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है।

सीजफायर और शांति वार्ता की क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सीजफायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। Trump ने बताया है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में फिर से शांति वार्ता शुरू हो सकती है। इससे पहले 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हुई थी।

बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा परमाणु हथियारों का है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक अपनी परमाणु गतिविधियों को पूरी तरह रोक दे, लेकिन ईरान इसे सिर्फ 3 से 5 साल तक रखने का सुझाव दे रहा है। ट्रंप इस 20 साल की शर्त से खुश नहीं हैं और चाहते हैं कि ईरान अमेरिका की शर्तों को माने।

अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कैसे की?

CENTCOM ने मंगलवार को ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी कर दी है। इस ऑपरेशन को पूरी तरह लागू कर दिया गया है और इसके लिए भारी ताकत का इस्तेमाल किया गया है। इस घेराबंदी की मुख्य जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण जानकारी
घेराबंदी लागू होने की तारीख 14 अप्रैल 2026
तैनात अमेरिकी सैनिक 10,000 से ज्यादा
युद्धपोतों की संख्या 10 से ज्यादा
परिणाम कोई भी जहाज घेरा नहीं तोड़ पाया
वापस लौटे जहाज 6 कमर्शियल जहाज

अमेरिकी सेना Strait of Hormuz को पार करने वाले जहाजों को रोक रही है। वहीं ईरान ने धमकी दी है कि अगर यह घेराबंदी जारी रही, तो खाड़ी के कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेंगे।

अन्य देशों और नेताओं का इस पर क्या कहना है?

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने दोनों देशों से फिर से बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है ताकि मामला और न बिगड़े। Macron ने यह भी मांग की कि सीजफायर में लेबनान को भी शामिल किया जाए और Strait of Hormuz को बिना किसी शर्त के खोल दिया जाए।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance, जो इस बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों देशों के बीच भरोसा बहुत कम है, लेकिन ईरान की तरफ से डील करने की इच्छा दिख रही है। इसके अलावा, लेबनान और इसराइल के अधिकारियों ने भी वॉशिंगटन में मुलाकात की और सीधी बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है।