अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ा दी है। यह फैसला पाकिस्तान की रिक्वेस्ट के बाद लिया गया है ताकि बातचीत की गुंजाइश बनी रहे। हालांकि, इस खबर के बाद दुनिया भर में विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं और ईरान ने ऐसे किसी समझौते से साफ़ इनकार कर दिया है।

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युद्धविराम बढ़ाने पर एक्सपर्ट की क्या राय है?

Stimson Center की एक्सपर्ट Barbara Slavin ने कहा कि युद्धविराम का बढ़ना फिलहाल राहत की बात है। उन्होंने बताया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक शांति चाहिए, तो अमेरिका को अपनी मांगों में थोड़ी नरमी लानी होगी। उनके अनुसार, केवल शर्तों को कम करके ही इस युद्ध का डिप्लोमैटिक समाधान निकाला जा सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?

एक तरफ अमेरिका युद्धविराम की बात कर रहा है, वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे मानने से मना कर दिया है। ईरान का कहना है कि ऐसी कोई डील नहीं हुई है और न ही अभी बातचीत के अगले दौर की कोई योजना है। इसके साथ ही, President Trump ने साफ़ कर दिया है कि जब तक पूरा शांति समझौता फाइनल नहीं हो जाता, ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी (blockade) जारी रहेगी।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस विवाद में एक मध्यस्थ की तरह काम कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने युद्धविराम बढ़ाने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पाकिस्तान इस्लामाबाद में बातचीत आयोजित करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन ईरान के इनकार की वजह से अभी सब कुछ अनिश्चित है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance का पाकिस्तान दौरा भी फिलहाल टल गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.