अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पूरी स्थिति को एक बड़ी नाकामी बताया है। आज 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति के लिए बातचीत होनी है, लेकिन माहौल काफी गरम है। ईरान की हरकतों और इजरायल के लेबनान में हमलों ने इस छोटे से युद्धविराम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समझौते को लेकर क्यों आपस में भिड़े अमेरिका और ईरान?

अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए शांति का वादा हुआ था, लेकिन अब यह समझौता खतरे में दिख रहा है। ईरान का कहना है कि लेबनान में हमले रुकने चाहिए, पर इजरायल वहां लगातार बमबारी कर रहा है। ट्रंप का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा कभी था ही नहीं। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने समुद्र के रास्ते Strait of Hormuz पर सख्ती बढ़ा दी है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से पैसे मांग रहा है। ट्रंप ने इसे ईरान की गद्दारी बताया है और कहा है कि अगर बात नहीं मानी गई तो बड़े हमले किए जाएंगे।

इस्लामाबाद मीटिंग और खाड़ी देशों पर इसका असर

आज होने वाली मीटिंग में अमेरिका की ओर से JD Vance और Jared Kushner जैसे बड़े नाम शामिल हो रहे हैं। इस बीच कुवैत और सऊदी अरब से भी परेशानी वाली खबरें आई हैं। खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तनाव बढ़ने से व्यापार और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। नीचे दी गई टेबल में आज की मुख्य घटनाओं की जानकारी दी गई है।

विषय ताजा अपडेट
शांति वार्ता की जगह इस्लामाबाद, पाकिस्तान
मुख्य विवाद का कारण Strait of Hormuz में टोल टैक्स और लेबनान जंग
कुवैत का आरोप 9 अप्रैल को ईरान की तरफ से ड्रोन हमला हुआ
ईरान की मांग अमेरिकी सेना की वापसी और शांति के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव
सऊदी अरब का हाल एक मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट

मिडिल ईस्ट काउंसिल के एक्सपर्ट Omar Rahman का कहना है कि ट्रंप और ईरान के बीच तालमेल की भारी कमी है। ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कहा है कि वे युद्ध नहीं चाहते लेकिन नुकसान का हर्जाना चाहते हैं। अब सबकी नजरें इस मीटिंग पर हैं कि क्या शांति बनी रहेगी या फिर खाड़ी क्षेत्र में फिर से संघर्ष तेज होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.