अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम के बावजूद दोनों देशों के बीच हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले 24 घंटों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले किए हैं। इस तनाव के बीच कुवैत ने भी ईरान से आए मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां समझौते की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा अचानक तनाव?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (Esmaeil Baqaei) ने अमेरिका पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के एक दक्षिणी बंदरगाह पर हमला किया है। इसके जवाब में ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी एयर बेस पर जवाबी कार्रवाई की। उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उन्होंने अपनी रक्षा में ईरान के रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटर पर हमले किए हैं क्योंकि ईरान ने अमेरिका का एक MQ-1 ड्रोन मार गिराया था।
कुवैत ने ईरान पर लगाया बड़ा आरोप, सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
इस पूरे विवाद के बीच खाड़ी देश कुवैत भी इसकी चपेट में आ गया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने ईरान की तरफ से दागे गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया है। कुवैत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही ईरान ने साफ किया है कि जब तक लेबनान में भी संघर्ष विराम लागू नहीं होता, तब तक अमेरिका के साथ कोई अंतिम समझौता संभव नहीं है।
संघर्ष विराम को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। हाल ही में 28 मई को एक समझौते की बात सामने आई थी, जिसके तहत 60 दिनों के लिए संघर्ष विराम बढ़ाने का प्रस्ताव था। इस नए प्रस्ताव में ईरान के लिए प्रतिबंधों में छूट और मानवीय सहायता जैसी बातें शामिल थीं, लेकिन ताजा हमलों के बाद इस समझौते पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि उम्मीद जताई है कि ईरान समझौता करना चाहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम कब शुरू हुआ था?
अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष विराम 8 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जिसे बाद में राष्ट्रपति ट्रंप ने अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था।
कुवैत ने क्या दावा किया है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान की तरफ से दागे गए मिसाइलों और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक दिया।
ईरान ने समझौते के लिए क्या मुख्य शर्त रखी है?
ईरान का कहना है कि किसी भी व्यापक समझौते के लिए लेबनान में भी संघर्ष विराम होना बेहद जरूरी है, जबकि इजरायल का मानना है कि लेबनान इस समझौते के दायरे में नहीं आता है।
