अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात हफ्तों से चला आ रहा सीजफायर अब टूट गया है। अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। कतर में बातचीत करके वापस तेहरान लौटी ईरानी टीम ने अमेरिकी इरादों पर गहरा संदेह जताया है। इस हमले में ईरान के कम से कम चार नौसैनिकों की मौत की खबर है, जिसके बाद ईरान ने इसे समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया है।

आखिर क्यों हुआ अमेरिका और ईरान के बीच यह हमला?

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने 26 और 27 मई 2026 को दक्षिणी ईरान और Strait of Hormuz के पास हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, क्योंकि वहां मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नावों को निशाना बनाया गया था। इस हमले में ईरान के चार नौसैनिक मारे गए। पूर्व अमेरिकी राजदूत ने आरोप लगाया कि ईरान समझौते का उल्लंघन कर रहा था, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे अमेरिका की ओर से एक गंभीर उल्लंघन और अवैध कार्रवाई बताया है।

कतर में क्या बातचीत करने गए थे ईरानी अधिकारी?

ईरान का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल कतर में अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत कर रहा था। इस टीम में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्मती शामिल थे। कतर में हुई इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य फ्रीज किए गए 24 बिलियन डॉलर के ईरानी फंड को जारी कराना, Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा बनाए रखना और यूरेनियम भंडार पर चर्चा करना था। ईरान इस फंड में से शुरुआती तौर पर 12 बिलियन डॉलर जारी कराना चाहता है।

इस हमले के बाद अब आगे क्या होने की उम्मीद है?

ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे देश की सुरक्षा के लिए किसी भी कार्रवाई का जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि दोनों देशों के बीच समझौता अभी भी संभव है, लेकिन इसके लिए कुछ दिनों का समय और लगेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि एक समझौते पर सहमति बन सकती है जिससे इस समुद्री रास्ते को दोबारा सुरक्षित खोला जा सके। फिलहाल, इस ताजा हमले के बाद बातचीत का भविष्य अधर में लटक गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कब लागू हुआ था?

दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की गई थी, जो लगभग सात हफ्तों तक चला।

कतर में किस मुद्दे पर बातचीत चल रही थी?

कतर में ईरान के फ्रीज किए गए 24 बिलियन डॉलर के फंड को जारी कराने, Strait of Hormuz की सुरक्षा और यूरेनियम के मुद्दे पर चर्चा चल रही थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.