अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद दुनिया भर के बड़े नेताओं ने राहत की सांस ली है। फ्रांस, इटली, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने एक साझा बयान जारी कर इस कदम का स्वागत किया है। इन देशों का कहना है कि अब समय आ गया है कि सैन्य कार्रवाई की जगह कूटनीति का सहारा लिया जाए। इस फैसले से न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट का खतरा भी कम होगा।

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शांति बहाली के लिए किन देशों ने जताई सहमति

इस संयुक्त बयान में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने स्पष्ट किया है कि वे इस युद्धविराम का पूरा समर्थन करते हैं। इन देशों ने जोर दिया है कि अब क्षेत्र में स्थायी शांति की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के तनाव से बचा जा सके। नेताओं ने अपील की है कि दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आएं और आपसी विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करें। यह कदम खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर क्या पड़ेगा प्रभाव

दुनिया के बड़े नेताओं ने Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया है। यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए बहुत खास माना जाता है। नेताओं का मानना है कि इस युद्धविराम से वैश्विक ऊर्जा संकट को रोकने में मदद मिलेगी और तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार करने वालों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है क्योंकि इससे सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं कम होंगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.