अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदल गया है। जून 2026 की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच हमले और पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है। 8 जून को एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर भारी बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इस टकराव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ℹ️: अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में भारी टकराव, कुवैत और बहरीन तक पहुंचे मिसाइल और ड्रोन, खाड़ी देशों में मचा हड़कंप

कैसे शुरू हुआ अमेरिका और ईरान के बीच यह नया टकराव?

यह पूरा विवाद 8 जून 2026 को शुरू हुआ जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक इसे ईरान के एक ड्रोन ने मार गिराया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने 9 और 10 जून को ईरान के कई ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के बंदर अब्बास, केश्म (Qeshm), हेंगाम और सीरीक जैसे इलाकों में रडार और एयर डिफेंस सिस्टम पर बम बरसाए। सीरीक में पानी के जलाशयों पर भी हमले की खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी और वह अमेरिका को बेवकूफ नहीं बना सकता।

ईरान का जवाबी हमला: कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागे ड्रोन

अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने रातभर में खाड़ी क्षेत्र में बने 21 अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन दागे। ईरान ने जॉर्डन के अल-अज़राक बेस और कुवैत के अली अल सालेम बेस को निशाना बनाया। हालांकि कुवैत और जॉर्डन की रक्षा प्रणालियों ने इन हवाई हमलों को रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) पर भी हमले की कोशिश की गई जिसके बाद बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया। इसके अलावा ईरान ने बुशहर प्रांत के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और समुद्री व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

इस खतरनाक सैन्य टकराव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद होने की कगार पर है। अमेरिका ने इस इलाके में नौसैनिक नाकेबंदी कर दी है। इस रास्ते से दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार होता है, इसलिए आने वाले दिनों में जहाजों के आने-जाने पर बड़ा असर पड़ सकता है। कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों के लिए सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के इस कदम को युद्ध अपराध बताया है, वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कहा है कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है?

हाँ, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। 8 जून को अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं।

कुवैत और बहरीन में क्या स्थिति है?

ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। कुवैत ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, जबकि बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया था। फिलहाल वहां स्थिति नियंत्रण में है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों बंद है?

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण इस समुद्री रास्ते को बंद किया गया है। ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.