अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सीधी जंग में बदल गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के 90 ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस संकट के बीच जर्मनी ने भारत और जर्मनी के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की अपील की है।

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जहाजों पर हमला और बढ़ा खतरा

पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कम से कम तीन तेल जहाजों पर हमला हुआ है। 7 जुलाई को एक जहाज पर अज्ञात ड्रोन से हमला हुआ जिससे उसे काफी नुकसान पहुँचा। कतर ने भी आरोप लगाया कि ईरान ने उसके एलएनजी कैरियर ‘Al Rekayyat’ पर ड्रोन हमला किया, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। इस वजह से जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने इस इलाके में खतरे के स्तर को ‘Substantial’ से बढ़ाकर ‘Severe’ कर दिया है।

अमेरिका और ईरान की सैन्य कार्रवाई

9 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि जहाजों पर हुए हमलों के बाद अब युद्धविराम खत्म हो गया है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों के मुख्य बुनियादी ढांचे पर हमला बोला। साथ ही, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के तेल की बिक्री से जुड़ा जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया है। ईरान का कहना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य तभी खुलेगा जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी।

भारत और जर्मनी का ऊर्जा समझौता

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत में जर्मनी के राजदूत Philipp Ackermann ने कहा कि अब रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक जरूरत बन गई है। भारत और जर्मनी दोनों ही दूसरे देशों से आयात होने वाले ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं।

दोनों देशों ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का फैसला किया है। जर्मनी ने भारत के जलवायु और सतत विकास एजेंडे के लिए 2030 तक 10 अरब यूरो देने का वादा किया है। इसमें बैटरी स्टोरेज, ग्रिड इंटीग्रेशन और ग्रीन अर्बन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.