अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमले होने की खबर सामने आई है, जिसने पूरे मध्य पूर्व में चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति के बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस मुद्दे का स्थायी हल सिर्फ डिप्लोमेसी और डायलॉग से ही निकाला जा सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों भड़का है नया विवाद?
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों में सैन्य टकराव काफी ज्यादा बढ़ गया है। 11 जून 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन भी हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान तुरंत शांति समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका की तरफ से और भी ज्यादा हमले किए जाएंगे। हालांकि, गंभीर सैन्य टकराव के बावजूद कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि दोनों देश समझौते की पटरी से पूरी तरह नहीं उतरे हैं और पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें अभी भी जारी हैं।
शांति बहाली के लिए पाकिस्तान और ओमान की क्या है भूमिका?
पाकिस्तान इस पूरे संकट में मध्यस्थ यानी मीडिएटर की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने 11 जून 2026 को बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर लगातार ईरान और अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं, ओमान भी इस शांति प्रक्रिया का समर्थन कर रहा है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने दोनों देशों से बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और युद्धविराम का पालन करने का आग्रह किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी चल रही है?
हां, दोनों देशों के बीच हवाई हमलों के बावजूद राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान समझौते के लिए अभी भी बातचीत की प्रक्रिया में बने हुए हैं।
इस विवाद में पाकिस्तान का आधिकारिक रुख क्या है?
पाकिस्तान का कहना है कि सैन्य टकराव किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से डिप्लोमेसी और शांतिपूर्ण वार्ता के रास्ते पर लौटने की अपील की है।
