Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों पर किए गए हमलों के बाद हुई है। इस टकराव से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
CENTCOM के मुताबिक, 7 मई 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz में अमेरिकी नेवी के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स पर हमला किया। इस हमले में मिसाइलों, ड्रोनों और छोटी नावों का इस्तेमाल किया गया था। जवाब में अमेरिका ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट, कमांड सेंटर और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि उसके किसी भी जहाज या सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ है और यह सिर्फ आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी।
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि अमेरिका ने पहले युद्धविराम (ceasefire) का उल्लंघन किया। ईरान के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने उनके तेल टैंकरों और नागरिक इलाकों जैसे Bandar Khamir, Sirik और Qeshm Island पर हवाई हमले किए। ईरान की मीडिया का कहना है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी युद्धपोतों को काफी नुकसान पहुंचाया है और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया। ईरान ने यह भी कहा कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक रास्ता खुला नहीं रहेगा।
पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या हुआ?
- 13 अप्रैल 2026: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) शुरू की।
- 4-5 मई 2026: ईरान ने USS Truxtun और USS Mason पर हमला किया और UAE के तेल टैंकर को निशाना बनाया।
- 6 मई 2026: अमेरिकी सेना ने नियम तोड़ने के आरोप में ईरान के तेल टैंकर M/T Hasna को रोका।
- 7 मई 2026: दोनों देशों के बीच भारी गोलाबारी और हवाई हमले हुए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इस लड़ाई को रोकने की कोशिश हो रही है?
हाँ, पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति वार्ता करा रहा है। ईरान फिलहाल अमेरिका के शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, हालांकि उसने कुछ शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।
क्या आम जहाजों के लिए रास्ता बंद है?
Strait of Hormuz में तनाव है। ईरान ने जहाजों के आने-जाने और टैक्स के लिए एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है, जिससे समुद्री रास्तों पर असर पड़ सकता है।