अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बड़ी लड़ाई का रूप ले चुका है। अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों में सैन्य हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने Bahrain, Kuwait और Qatar में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया है। इस हिंसक टकराव में कई लोगों की जान गई है और घायल हुए हैं।
🗞️: US-Iran Tension: कुवैत, कतर और बहरीन पर ईरान ने दागे ड्रोन और मिसाइल, सुरक्षा अलर्ट जारी।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें “युद्ध अपराध” करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के नियमों का उल्लंघन किया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दिनों में पांच अलग-अलग प्रांतों में कम से कम 14 लोग मारे गए और 78 लोग घायल हुए। सरकारी मीडिया ने बताया कि Iranshahr एयरपोर्ट पर एक फायरफाइटर की मौत हुई और Khuzestan प्रांत में तीन लोग मारे गए।
अमेरिका ने ये हमले ईरान द्वारा Strait of Hormuz में कमर्शियल टैंकरों पर किए गए हमलों के जवाब में किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि पहले का युद्धविराम अब खत्म हो गया है। उन्होंने ईरानी नेताओं के खिलाफ सख्त बयान दिए और चेतावनी दी कि आने वाले समय में नागरिक बुनियादी ढांचे पर भी हमले हो सकते हैं। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उन्होंने मिसाइल स्टोरेज, ड्रोन साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसेना के ठिकानों समेत करीब 90 लक्ष्यों पर हमला किया।
जवाब में ईरान की सेना और IRGC ने Bahrain, Kuwait और Qatar में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान ने इसे अपने शहीदों का बदला बताया है। इसके अलावा, 8 जुलाई को US Treasury ने ईरानी तेल की बिक्री के लाइसेंस को रद्द कर दिया, जिसे ईरान ने “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” समझौते का उल्लंघन माना।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच Qatar के प्रधानमंत्री ने ईरान से कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है। वहीं, NATO के महासचिव Mark Rutte ने अमेरिका की इस कार्रवाई को बिल्कुल जरूरी बताया। ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने इस पूरे मामले को UN सुरक्षा परिषद के सामने रखा है और कार्रवाई की मांग की है।
