अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए जिसके बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देशों को निशाना बनाया। पिछले महीने हुआ युद्धविराम अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और इलाके में डर का माहौल है।
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रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने इस मामले में दखल देते हुए कहा कि इस झगड़े का अंत ऐसा होना चाहिए जिसमें सभी पक्षों का फायदा हो। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी समझौता सिर्फ लड़ने वाले देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कह दिया कि युद्धविराम अब खत्म हो गया है और अमेरिका को इस काम को पूरा करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए बेताब है।
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका पर शांति समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है और सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान की Revolutionary Guards Navy ने कहा है कि Strait of Hormuz में बाहरी ताकतों का कोई हक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समुद्री रास्तों में दखल दिया तो उसका जवाब बहुत कड़ा होगा।
हालात खराब होने के बावजूद पाकिस्तान और कतर मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सऊदी अरब, तुर्की, ओमान और पाकिस्तान के आर्मी चीफ से फोन पर बात की है ताकि युद्धविराम की स्थिति को सुधारा जा सके।
इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान के साथ यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने साफ किया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने दिए जाएंगे और इजरायली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अब सबकी नजरें ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों पर हैं। उम्मीद है कि इन कार्यक्रमों के बाद अंतिम समझौते के लिए नई बातचीत शुरू होगी।
