अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है जिससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस वजह से तेल बाजार में एक बार फिर हलचल मच गई है और दाम बढ़ने लगे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति
यह तनाव 7 जुलाई 2026 को तब शुरू हुआ जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में 8 जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उस छूट को भी हटा लिया जिसके जरिए ईरान अपना तेल निर्यात कर पा रहा था।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर
इस लड़ाई की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बढ़े। सिर्फ दो दिनों में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 12 फीसदी की बढ़त देखी गई। जानकारों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक बहुत जरूरी रास्ता है, जहाँ से करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। यहाँ किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर दुनिया भर में तेल की कीमतों पर पड़ता है।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| ब्रेंट क्रूड की कीमत (9 जुलाई) | 80.59 डॉलर प्रति बैरल |
| ब्रेंट क्रूड में बढ़ोतरी | 12 प्रतिशत (2 दिन में) |
| WTI क्रूड की कीमत | 72 से 73 डॉलर प्रति बैरल |
| अप्रैल 2026 की अधिकतम कीमत | लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल |
| अमेरिका द्वारा किए गए हमले | 80 से ज्यादा ईरानी ठिकाने |
| होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल व्यापार | कुल समुद्री तेल का 1/5 हिस्सा |
| चीन की रुकी हुई प्रोजेक्ट क्षमता | 5,00,000 बैरल प्रतिदिन |
एशियाई देशों की तैयारी
बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बावजूद एशिया के रिफाइनरी मालिक अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने अब सिर्फ मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर रहना कम कर दिया है और कनाडा, वेनेजुएला और मैक्सिको जैसे देशों से तेल मंगाना शुरू कर दिया है। साथ ही वे अपने तेल के आपातकालीन भंडार (Strategic Reserves) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चीन ने भी अपनी रणनीति बदली है। जुलाई 2026 के अंत तक चीन ने रिफाइंड ईंधन के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटा ली हैं। इससे वहां की प्राइवेट रिफाइनरी कंपनियों को फिर से विदेशी तेल और ईरान का प्रतिबंधित तेल खरीदने की अनुमति मिल गई है।
