US-Iran Tension: अमेरिका के पूर्व अधिकारी का बड़ा दावा, बोले ईरान के खिलाफ नाकाम रही अमेरिकी नीतियां, Strait of Hormuz में नाकेबंदी जारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और अब अमेरिका के ही एक पूर्व बड़े अधिकारी Daniel Benaim ने अपनी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी जीत दर्ज करने का मौका गँवा चुका है और अब वह पहले से भी खराब स्थिति में है। इस बीच Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी है जिससे समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है।
Daniel Benaim ने अमेरिका की किन गलतियों के बारे में बताया?
Daniel Benaim, जो पहले US Deputy Assistant Secretary थे, उन्होंने Al Jazeera English को बताया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सही समय पर सही फैसले नहीं लिए। उनका कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बिना युद्ध के भी रोका जा सकता था। अब अमेरिका एक मुश्किल सैन्य संघर्ष और कूटनीतिक तनाव में फंसा हुआ है, जहाँ ईरान की सरकार अभी भी सत्ता में है और समझौते के मूड में नहीं दिख रही है।
Strait of Hormuz की नाकेबंदी और उसका असर क्या है?
13 अप्रैल से अमेरिका ने Strait of Hormuz के आसपास समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है। US Central Command के मुताबिक, अब तक 27 जहाजों को वापस भेजा गया है या ईरानी बंदरगाहों की तरफ मोड़ा गया है। राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि इस नाकेबंदी की वजह से ईरान को हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ेगा।
ईरान और व्हाइट हाउस का इस पर क्या कहना है?
ईरान ने साफ़ कह दिया है कि वह धमकियों के साये में किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। दूसरी तरफ, White House ने भी जवाब दिया है कि वह किसी भी ‘विनाशकारी डील’ के दबाव में नहीं आएगा। वहीं, राष्ट्रपति Donald Trump ने भरोसा जताया है कि ईरान अंततः बातचीत की मेज पर लौटेगा, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।
इस पूरे विवाद और घटनाक्रम की मुख्य बातें नीचे टेबल में दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकेबंदी की तारीख | 13 अप्रैल, 2026 |
| रोके गए जहाज | 27 जहाज |
| ईरान का दैनिक नुकसान | 500 मिलियन डॉलर (दावा) |
| अगली संभावित बैठक | 23 अप्रैल, 2026 (Israel-Lebanon talks) |
| मुख्य विवाद | परमाणु कार्यक्रम और समुद्री नाकेबंदी |