अमेरिका और ईरान के बीच डील की उम्मीद, ट्रंप बोले इस हफ्ते हो सकती है मीटिंग, Strait of Hormuz को खोलने की कोशिशें जारी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के 49वें दिन अब शांति की उम्मीद जगी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश जल्द ही एक बड़े समझौते पर पहुंच सकते हैं। एक तरफ जहां बातचीत की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेना अभी भी पूरी तरह अलर्ट पर है और क्षेत्रीय हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या होगी डील और शर्तें क्या हैं?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान एक समझौते के बहुत करीब हैं और इस हफ्ते दोनों देशों के बीच मीटिंग हो सकती है। ट्रंप का दावा है कि ईरान अगले 20 साल तक परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अपना यूरेनियम भंडार सौंप देगा, हालांकि ईरान ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई, तो अमेरिकी सैनिक फिर से युद्ध शुरू करने के लिए तैयार हैं। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी भी कर रखी है।
इसराइल, लेबनान और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
इसराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल से 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इसे शांति का बड़ा मौका बताया, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि हिजबुल्लाह को अपने हथियार छोड़ने होंगे। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह का कहना है कि युद्धविराम पूरे लेबनान में होना चाहिए। इस पूरे विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने तेहरान का दौरा किया, जिससे बातचीत आगे बढ़ने और युद्धविराम बढ़ने की उम्मीद जगी है।
युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ और Strait of Hormuz का क्या हाल है?
फ्रांस और ब्रिटेन 17 अप्रैल को एक मीटिंग कर रहे हैं ताकि Strait of Hormuz को फिर से खोला जा सके, क्योंकि यह तेल के लिए सबसे ज़रूरी समुद्री रास्ता है। ईरान ने 28 फरवरी से इसे बंद कर रखा है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। इस जंग में अब तक कई देशों के लोग मारे गए हैं।
| देश/पक्ष | मृतकों की संख्या |
|---|---|
| ईरान | 3,000 |
| लेबनान | 2,100 से ज़्यादा |
| इसराइल | 23 |
| अमेरिकी सैनिक | 13 |
| खाड़ी अरब देश | 12 से ज़्यादा |