US-Iran War: 50वें दिन भी तनाव बरकरार, Strait of Hormuz खुला पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी, पाकिस्तान में होगी बड़ी बैठक
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब 50वें दिन में पहुंच गया है. Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया गया है लेकिन माहौल अभी भी काफी तनावपूर्ण बना हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि जब तक परमाणु समझौता नहीं हो जाता, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी. इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए अब पाकिस्तान में एक अहम मीटिंग होने वाली है.
Strait of Hormuz और अमेरिकी नाकाबंदी का क्या हाल है?
ईरान ने Strait of Hormuz को दोबारा खोल दिया है, जिसका संयुक्त राष्ट्र ने स्वागत किया है. हालांकि, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने प्रतिबंध और नाकाबंदी नहीं हटाई तो वह इस रास्ते को फिर से बंद कर सकता है. अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार से अब तक 21 जहाजों को वापस ईरान भेज दिया गया है. यह नाकाबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों के लिए लागू है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को आने-जाने की पूरी छूट है. ब्रिटेन और फ्रांस भी अब इस रास्ते पर अपनी सेना भेजने की तैयारी कर रहे हैं ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे.
परमाणु समझौते और युद्धविराम पर क्या अपडेट है?
अगले सोमवार को पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बातचीत होनी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा. ट्रम्प ने प्रस्ताव दिया था कि ईरान का यूरेनियम अमेरिका लाया जाए, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है. वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा ceasefire अगले हफ्ते खत्म हो जाएगा. इसराइल और हिजबुल्ला के बीच भी 10 दिन का समझौता चल रहा है, जिससे इसराइल में पहली बार बिना हमलों के 24 घंटे बीते हैं, हालांकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हिजबुल्ला को खत्म करने की बात कही है.
विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ
| मुख्य बिंदु | ताजा स्थिति |
|---|---|
| कुल दिन | 50 दिन (शुरुआत 28 फरवरी 2026) |
| जहाजों की स्थिति | 21 जहाजों को US ने वापस भेजा |
| परमाणु वार्ता | सोमवार को पाकिस्तान में होगी |
| Strait of Hormuz | ईरान ने खोला, पर शर्तें लागू हैं |
| रूसी तेल | US ने एक महीने के लिए छूट दी है |
| Israel-Hezbollah | 10 दिन का युद्धविराम जारी है |
| नई मिशन टीम | UK और फ्रांस की सेना तैनात होगी |