अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ समझौता होने की गुंजाइश अब भी बनी हुई है, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की कड़ी नाकाबंदी जारी रखी है। दूसरी तरफ, इसराइल ने दक्षिण लेबनान में अपने सैन्य हमलों को और तेज कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।

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अमेरिका और ईरान के बीच नाकाबंदी और बातचीत की क्या स्थिति है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से समझौता करने की काफी इच्छा जताई गई है। हालांकि, अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। CENTCOM के मुताबिक, यह नाकाबंदी सभी देशों के उन जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि नाकाबंदी का उल्लंघन करने वाले जहाजों को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। वहीं, जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरान को अभी और कदम उठाने की जरूरत है।

लेबनान में इसराइल के हमलों का क्या असर हुआ?

इसराइल ने दक्षिण लेबनान के कंतारा और तिबनिन जैसे शहरों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस दौरान यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट टायर के पुराने किले पर भी गोलाबारी हुई। 14 अप्रैल को हुए इन हमलों में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हिजबुल्लाह पूरी तरह से हथियार नहीं डालता, तब तक इसराइल अपनी रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।

शांति वार्ता और विवाद के मुख्य बिंदु क्या हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर है।

विवरण मुख्य जानकारी
ईरान का प्रस्ताव 5 साल के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकना
अमेरिका की शर्त 20 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम फ्रीज करना
सीजफायर समय सीमा 8 अप्रैल का समझौता 21 अप्रैल को खत्म होगा
लेबनान वार्ता वाशिंगटन में मार्को रुबियो की मौजूदगी में शुरू हुई
हिजबुल्लाह का स्टैंड वार्ता को बेकार बताया और लेबनान को हटने को कहा
ईरान का आरोप अमेरिकी नाकाबंदी को समुद्री डकैती बताया
अगला संभावित स्थान पाकिस्तान या जिनेवा में दूसरी दौर की बातचीत संभव