अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब और गहरा गया है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों का एक नया दौर शुरू किया है, जो 16 जुलाई 2026 को भी जारी रहा। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रखना और ईरान की सैन्य क्षमता को कम करना बताया गया है।
🗞️: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा: अहवाज़ के कैंसर अस्पताल के पास मिसाइल हमला, 35 लोगों की मौत।
हमलों का असर और ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों में ईरान के तटीय रक्षा सिस्टम, क्रूज मिसाइल साइट्स और Greater Tunb Island पर स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लगा दी है। एक घटना में अमेरिकी विमान ने Curacao के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Belma को मिसाइल मारकर रोक दिया क्योंकि वह नाकेबंदी को तोड़कर आगे बढ़ रहा था। ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। साथ ही बंदर अब्बास, बुशहर और अहवाज जैसे ईरानी शहरों में भी धमाकों की खबर है।
बढ़ते तनाव के बीच भविष्य की चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर बातचीत की मेज पर वापसी नहीं हुई, तो स्थिति और खराब होगी और वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएंगे। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देने को तैयार है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी Tasnim के अनुसार, इस महीने के संघर्ष में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इस तनाव के कारण क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है।
