अमेरिका और ईरान के बीच हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। 23 जुलाई 2026 को दोनों देशों के बीच संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है, जिसके चलते पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जून में हुआ संघर्ष विराम पूरी तरह टूट चुका है और अब दोनों देशों के बीच हवाई और समुद्री हमले तेज हो गए हैं।
कुवैत के ठिकानों पर हमला और तनाव
ईरान के IRGC ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में Ali Al Salem बेस, Camp Udairi, Camp Doha और Camp Arifjan को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही एक टेलीकम्युनिकेशन टावर को भी नुकसान पहुंचा है। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और तटीय निगरानी केंद्रों पर लगातार 12 रातों तक हमले किए हैं।
समुद्री रास्तों पर खतरा और सैनिकों की जान
तनाव के कारण समुद्र में भी आवाजाही मुश्किल हो गई है। US Navy ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नाकेबंदी कर दी है, जिससे व्यापारिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट होने से आग लग गई, जिसके बाद अन्य जहाजों को वापस लौटना पड़ा। इस संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है और लगभग 447 जवान घायल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़े तेवर दिखाते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि हर हमले का बड़ा जवाब दिया जाएगा।
