US-Iran Conflict: अमेरिकी सेना के जनरल ने दी चेतावनी, ईरान के साथ तनाव कम करने की उठाई मांग

Nura Basta9 August 20263 min read54 viewsUAE
US-Iran Conflict: अमेरिकी सेना के जनरल ने दी चेतावनी, ईरान के साथ तनाव कम करने की उठाई मांग

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। अमेरिकी सेना के ज्वाइंट Chiefs of Staff के चेयरमैन General Dan Caine ने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निजी तौर पर सलाह दी है कि उन्हें ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को कम करने की कोशिश करनी चाहिए। यह जानकारी 8 और 9 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार है। जनरल के इन सुझावों के पीछे मुख्य वजह यह है कि मौजूदा सैन्य रणनीतियां नाकाफी साबित हो सकती हैं और इसके गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक भी तेजी से कम हो रहा है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।

अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अपना पद संभालने वाले General Dan Caine ने यह भी आशंका जताई है कि सिर्फ एयरपावर के जरिए अमेरिका अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसके कारण बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के पास एयर-डिफ़ेंस इंटरसेप्टर और सटीक हथियारों का स्तर काफी कम हो चुका है, जिससे किसी लंबे संघर्ष में दिक्कत आ सकती है। सीएन और अन्य अधिकारियों ने जुलाई के आखिरी हफ्ते में प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई पर अपनी चिंता जताई थी। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी देशों के सहयोगियों की तरफ से संभावित हमलों की चेतावनियों के बाद इस ऑपरेशन को टाल दिया था। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्दी समाधान निकलने की उम्मीद जताई है और उन्होंने ईरान में जमीनी सैनिक भेजने का लगातार विरोध किया है।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में बढ़ा तनाव और जहाजों का रूट बदला

इस बीच, हाल ही में 8 अगस्त 2026 को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के एक जहाज को कथित तौर पर ईरान द्वारा निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई। इसके बाद यमन की सेना ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ जवाबी हमले किए। अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में दोबारा नाकाबंदी किए जाने के कारण 53 जहाजों के रूट को बदलना पड़ा है। ईरान की तरफ से यह मांग की जा रही है कि इस रास्ते को पूरी तरह से खोला जाए, लेकिन यह इस शर्त पर है कि अमेरिका अपनी धमकियां बंद करे, नौसैनिक नाकाबंदी हटाए, अपने सैन्य बलों को वापस बुलाए, प्रतिबंधों को खत्म करे, जमी हुई संपत्तियों को बहाल करे और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करे।

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं। इनमें उपराष्ट्रपति JD Vance, CIA डायरेक्टर John Ratcliffe और विदेश मंत्री Marco Rubio शामिल हैं। अधिकारी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए किसी समझौते पर विचार कर रहे हैं, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप एक बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में पेश कर सकते हैं। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी के लिए आप आधिकारिक War.gov वेबसाइट पर जा सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए इस क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखना बहुत जरूरी हो गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

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