खाड़ी देशों में तनाव और अधिक बढ़ गया है। U.S. Central Command (CENTCOM) ने आज 14 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय रक्षा प्रणालियों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी लागू करने का आदेश दिया है। यह नाकेबंदी आज 15 जुलाई 2026 की आधी रात (00:00 GST) से प्रभावी हो जाएगी।

हमले का कारण और प्रभाव

अमेरिकी सेना के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कम करना है ताकि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और Strait of Hormuz में आवाजाही सुरक्षित रहे। CENTCOM ने ईरान के रडार, मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं को निशाना बनाया है। वहीं, 13 जुलाई 2026 को हुए पिछले हमलों के जवाब में, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को गैर-कानूनी बताया है और बदला लेने की धमकी दी है।

क्षेत्रीय देशों को नुकसान

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। इसका असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है:

  • UAE: रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि ईरान की क्रूज मिसाइलों ने दो तेल टैंकरों पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हुए।
  • Bahrain: सेना ने ईरान द्वारा भेजे गए हवाई हमलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
  • Kuwait: रक्षा मंत्रालय ने सीमावर्ती चौकियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी देशों से हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com