अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है, जिसके चलते 17 जून 2026 को हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की मध्यस्थता में हस्ताक्षर किए थे। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध को रोकना था, लेकिन अब दोनों देशों ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।

हमले और तनाव का कारण

तनाव बढ़ने का मुख्य कारण Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों के बीच अलग-अलग राय होना है। 13 जुलाई को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने तीन व्यापारिक जहाजों, जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस और Bahrain पर हमला किया। इस स्थिति के बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है।

वर्तमान स्थिति

14 जुलाई को भी दोनों तरफ से हमले जारी रहे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने Mombasa और Al Bahiyah नाम के दो टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। वहीं Bahrain में मिसाइल अलर्ट सायरन बजने की खबर मिली और जॉर्डन ने ईरानी मिसाइलों को आसमान में ही रोकने का दावा किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नाकाबंदी ने इस शांति समझौते को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.