अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अशांति काफी बढ़ गई है। ताज़ा हमलों के बाद वैश्विक बाजारों में शेयर बाजार नीचे गिर गए हैं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। कुवैत ने अपनी सीमा में आ रही एक ईरानी मिसाइल को मार गिराने की पुष्टि की है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी में रहने वाले लाखों प्रवासियों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
कुवैत पर मिसाइल हमला और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
कुवैत सरकार ने पुष्टि की है कि 27 मई 2026 को उसने अपनी सीमा में घुस रही एक ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को ईरान की तरफ से युद्धविराम का बेहद गंभीर उल्लंघन बताया है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास में स्थित सैन्य ठिकानों और ड्रोन ऑपरेशन सेंटर पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इन हमलों को अपने सैनिकों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया है।
शेयर बाजार में गिरावट और तेल के दामों में बढ़ोतरी
दोनों देशों के बीच शुरू हुई इस जंग जैसी स्थिति का असर अब आर्थिक मोर्चे पर दिखने लगा है। शेयर बाजार में निवेशकों के पैसे डूब रहे हैं और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि खाड़ी के समुद्री रास्तों को किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं रहने दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।
ईरान और अन्य देशों का इस तनाव पर क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को गैर-कानूनी बताया है और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहेंगे। दूसरी तरफ, रूस के विदेश मंत्रालय और यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है ताकि इस बड़े संकट को बातचीत के जरिए टाला जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी सेना का क्या बयान आया है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुवैत पर हुए मिसाइल हमले को ईरान की तरफ से युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया है और इसके जवाब में ईरान के ड्रोन सेंटर पर हमले किए हैं।
इस तनाव का वैश्विक बाजार और कच्चे तेल पर क्या असर हुआ है?
तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया है और वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।