अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने गंभीर रूप ले लिया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 22 जुलाई 2026 तक ईरान के ठिकानों पर लगातार 11वीं रात भी हमले किए गए। इन सैन्य ऑपरेशन्स में ईरान के मिलिट्री सेंटर, ड्रोन स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को निशाना बनाया गया है ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे।

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राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि अगर हॉर्मुज में किसी भी कमर्शियल जहाज पर हमला होता है, तो अमेरिका ईरान के पुलों और पावर प्लांटों को तबाह कर देगा। उन्होंने ईरान के परमाणु संयंत्रों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ देने की बात कही है।

क्षेत्रीय देशों पर खतरा और हताहतों की संख्या

ईरान ने जॉर्डन पर मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में भी अलर्ट जारी किया गया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से 22 जुलाई के बीच अमेरिकी हमलों में 53 ईरानियों की जान गई है और 592 लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी अपने 18 सैनिकों को खोया है, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने श्रद्धांजलि दी है।

कूटनीतिक स्थिति

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है लेकिन समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं ईरान ने अमेरिका के साथ हुए एमओयू को निलंबित कर दिया है और अपने बचाव को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। बुल्गारिया ने भी इस संघर्ष में अमेरिका का साथ देने के लिए अपने एयरबेस पर सैन्य तैनाती की मंजूरी दे दी है। हालांकि, सेंटकॉम ने जोर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी खुला है और व्यापारिक गतिविधियां जारी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com