अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब और भी गंभीर हो गया है। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के खिलाफ 12वीं रात भी हवाई हमले किए गए। इन हमलों में ईरान की समुद्री क्षमता, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया ताकि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हमलों के बीच बड़ी चेतावनी और हताहतों की संख्या
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला किया, तो अमेरिका तेहरान समेत ईरान के प्रमुख बुनियादी ढांचे जैसे ब्रिज या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा। वहीं, ईरान समर्थित समूहों ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। पेंटागन के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है और 482 सैनिक घायल हुए हैं। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने जानकारी दी कि इस युद्ध में अब तक अमेरिका को $37.5 बिलियन का भारी खर्च उठाना पड़ा है।
क्षेत्रीय व्यापार और सुरक्षा पर असर
तनाव के कारण लाल सागर में सऊदी अरब के जहाज Encelia पर भी हमले की खबर है और यमन के हूती विद्रोहियों ने दो तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है। पिछले तीन महीनों में ईरान ने 30 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी दोबारा शुरू कर दी है। इन घटनाओं ने समुद्री व्यापार और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर दिया है, जिससे खाड़ी देशों में चिंता का माहौल है।
