अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और गहरा गया है। 17 जुलाई 2026 को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के परमाणु ठिकानों और मुख्य बुनियादी ढांचे पर एक बड़े सैन्य हमले पर विचार कर रहे हैं। इस संभावित हमले का फैसला अगले दो सप्ताह में लिया जा सकता है, जिसका लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है।
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लगातार हो रहे हवाई हमले
U.S. Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार और मिलिट्री लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 22 जून से अब तक इस लड़ाई में 38 लोगों की मौत हुई है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कुवैत, कतर, इराक और ओमान में ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे इन देशों में स्थित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और बिजली संयंत्रों को काफी नुकसान पहुँचा है। कुवैत में पानी और बिजली के प्लांट पर हुए हमले से वहां स्थिति और कठिन हो गई है। वहीं, Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की आवाजाही भी धीमी पड़ गई है, जिसका सीधा असर क्षेत्र की स्थिरता और व्यापार पर पड़ रहा है। चीन और पाकिस्तान ने शांति की अपील की है, जबकि U.N. High Commissioner for Human Rights ने नागरिकों को निशाना बनाने को लेकर चिंता जताई है।
