अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर गहरा गया है। 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी यानी नेवल ब्लॉकेड फिर से लगा दी है। इसके साथ ही, अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। इस तनाव का असर आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति पर पड़ रहा है।
हमले और बढ़ता विवाद
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में एक आर्मी बैरक तबाह हुई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और पूरे देश में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि उनके तेल और गैस निर्यात को रोका गया, तो वे पूरे मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति बंद कर देंगे।
बातचीत की स्थिति
राष्ट्रपति Donald Trump ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि वे अभी बातचीत करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हमले से एक घंटे पहले भी अमेरिकी प्रतिनिधि ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत शुरू नहीं हुई, तो अगले सप्ताह से ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। 17 जून 2026 को हुआ समझौता पहले ही टूट चुका है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
