अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार चली गई हैं और सोने के दाम भी बढ़ गए हैं। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई भिड़ंत ने अब एक गंभीर रूप ले लिया है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या हुआ और अमेरिका ने क्या किया

7 और 8 मई 2026 को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों USS Truxtun, USS Mason और USS Rafael Peralta पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इसके जवाब में US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के बंदर अब्बास और केशम बंदरगाहों पर जवाबी हमले किए। अमेरिका का कहना है कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करे वरना और कड़ी कार्रवाई होगी।

तेल और सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा

इस तनाव के कारण बाजार में डर का माहौल है जिससे सुरक्षित निवेश के लिए लोग सोना खरीद रहे हैं और तेल की सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद रहा तो तेल की कीमतें बहुत ऊपर जा सकती हैं।

विवरण डेटा/कीमत
ब्रेंट क्रूड तेल लगभग 100 डॉलर
WTI क्रूड तेल 98 डॉलर के करीब
सोने की कीमत 1% की बढ़ोत्तरी
संभावित अधिकतम कीमत 167 डॉलर तक जा सकती है
फंसे हुए जहाज़ 1,500 के करीब
फंसे हुए क्रू सदस्य 20,000
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट 70 दिन

UAE और अन्य देशों पर इसका क्या असर है

UAE के विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को खतरनाक बताया है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन खतरों की वजह से UAE ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। UN International Maritime Organization (IMO) के मुताबिक, ईरान द्वारा रास्ता रोकने की वजह से फारस की खाड़ी में हज़ारों लोग और जहाज़ फंसे हुए हैं। एक चीनी टैंकर पर भी हमला हुआ है जिसमें फिलिपीन के सात क्रू सदस्य घायल हुए हैं। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं

अमेरिका और ईरान के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य टकराव हुआ है। इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए सप्लाई रुकने के डर से कीमतें बढ़ रही हैं।

UAE और जहाजों पर क्या असर हुआ है

UAE ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम चालू कर दिए हैं। IMO के अनुसार करीब 1,500 जहाज़ और 20,000 क्रू सदस्य फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।