अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, मिडिल ईस्ट में तेल और सोने की कीमतों पर पड़ा बुरा असर

Nura Basta16 July 20261 min read7 viewsWorld

अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है, जिसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर दिखाई दे रहा है। 15 और 16 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना है, क्योंकि हाल ही में ईरान ने वहां फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू की थी। इस दौरान अमेरिकी सेना ने M/T Belma नाम के एक टैंकर को रोककर निष्क्रिय कर दिया था।

हमले और जवाबी कार्रवाई की पूरी जानकारी

CENTCOM की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में तेहरान के आसपास, Bandar Abbas, Greater Tunb Island और Semnan प्रांत में स्थित ईरानी कमांड सेंटर, मिसाइल लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 35 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके जवाब में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 16 जुलाई को जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।

क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को लेकर यह घटनाक्रम बेहद चिंताजनक है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही, तो वे मिडिल ईस्ट से ऊर्जा निर्यात पूरी तरह रोक देंगे। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि संघर्ष समाप्त करने वाला समझौता अब खत्म हो चुका है और चेतावनी दी कि अगर बातचीत नहीं हुई, तो वे ईरानी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाना जारी रखेंगे। फिलहाल इस तनाव के कारण सोने और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

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