अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़े सैन्य अभियान का ऐलान कर दिया है। इसे “Operation Epic Fury” नाम दिया गया है और यह इजराइल के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। इस हमले की शुरुआत शनिवार को हुई जब टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों और हवाई हमलों से तेहरान और दूसरे बड़े शहरों को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान की जनता से अपील की है कि वे अपनी सरकार को उखाड़ फेंकें। इस घटना के बाद पूरी दुनिया, और खास तौर पर खाड़ी देशों में तनाव का माहौल बन गया है।

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क्या है अमेरिका का ‘Operation Epic Fury’?

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि यह हमला सिर्फ एक चेतावनी नहीं बल्कि ईरान की सरकार बदलने की कोशिश है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके ईरान के नागरिकों से कहा, “जब हम अपना काम खत्म करें, तो आप अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह शायद पीढ़ियों में मिलने वाला आपका एकमात्र मौका है।”

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन कई दिनों तक चलेगा। इसका मकसद ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और नेवी को खत्म करना है। ट्रंप ने यह भी माना कि इस जंग में अमेरिकी सैनिकों की जान को भी खतरा हो सकता है, लेकिन उन्होंने इसे “आजादी” के लिए जरूरी बताया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और आम आदमी पर क्या होगा असर?

इस हमले का सीधा असर खाड़ी देशों (Gulf Countries) में रहने वाले लोगों और भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। ईरान ने जवाब में बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। इन देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर भी भारी उथल-पुथल मची है:

  • कच्चा तेल: तेल की कीमतें बढ़कर 73-80 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। अगर रास्ता बंद हुआ तो यह 100 डॉलर के पार जा सकता है।
  • सोना: अनिश्चितता के कारण सोने के दाम में भारी उछाल आया है और यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
  • शेयर बाजार: युद्ध की खबर से शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं और क्रिप्टो मार्केट में भी भारी गिरावट देखी गई है।

दुनिया भर से क्या प्रतिक्रिया आ रही है?

इस हमले पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि यह ईरानियों को अपनी किस्मत बदलने का मौका देगा। वहीं, अमेरिका के अंदर ही कई सांसदों ने इसे बिना इजाजत शुरू किया गया “असंवैधानिक” युद्ध बताया है।

सुरक्षा के लिहाज से यूएई (UAE) और इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे उड़ानों पर असर पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि यह लड़ाई लंबी खिंच सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com