अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध विराम किसी भी समय टूट सकता है. अमेरिकी पेंटागन अब नए सिरे से हमले की तैयारी कर रहा है जिसे ‘Operation Sledgehammer’ नाम दिया जा सकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बेकार बताकर खारिज कर दिया है जिससे तनाव और बढ़ गया है.
Operation Sledgehammer क्या है और इसे क्यों लाया जा रहा है?
अमेरिकी रक्षा विभाग इस नए नाम का इस्तेमाल तब करेगा जब बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू होंगे. दरअसल, पहले चल रहे ‘Operation Epic Fury’ को युद्ध विराम के बाद खत्म माना गया था. अब नए नाम के साथ अमेरिका 1973 के वॉर पावर्स रिज़ॉल्यूशन के तहत 60 दिनों की समय सीमा को फिर से शुरू करना चाहता है. इससे राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के लिए कानूनी रास्ता मिल जाएगा और उन्हें कांग्रेस को सूचित करना होगा.
खाड़ी देशों और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
- तेल की कीमतें: तनाव बढ़ने से ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम बढ़ गए हैं जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है.
- समुद्री नाकेबंदी: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है जो अब भी जारी है.
- फंसे हुए नाविक: जनरल डैन केन ने बताया कि अरब खाड़ी में 1550 से ज्यादा जहाजों पर करीब 22,500 नाविक फंसे हुए हैं.
- कुवैत में गिरफ्तारी: कुवैत ने हाल ही में 4 ईरानियों को गिरफ्तार किया है जिन पर IRGC से जुड़े होने और घुसपैठ की कोशिश का शक है.
- UAE की सुरक्षा: अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने पुष्टि की कि इज़राइल ने यूएई को ईरान के हमलों से बचाने के लिए एंटी-मिसाइल बैटरी भेजी हैं.
प्रमुख नेताओं ने इस स्थिति पर क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को कचरा बताया और कहा कि उनकी नाकेबंदी 100 प्रतिशत सफल है. रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानी तो कार्रवाई होगी. वहीं ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि उनकी सेना किसी भी हमलावर को सबक सिखाने के लिए तैयार है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑपरेशन स्लेजहैमर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को फिर से शुरू करना और कानूनी रूप से कांग्रेस की 60 दिनों की मंजूरी प्रक्रिया को रीसेट करना है.
समुद्री जहाजों की स्थिति क्या है?
अमेरिकी नाकेबंदी के कारण 65 जहाज मोड़े गए और 4 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया है, जबकि हजारों नाविक अभी भी अरब खाड़ी में फंसे हुए हैं.