अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग के कानूनी सलाहकार Reed Rubinstein ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जो कुछ भी कर रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब 1 मई की एक अहम समय-सीमा करीब है और अमेरिकी कांग्रेस में इस युद्ध को लेकर बहस चल रही है.
अमेरिका ने ईरान पर हमले को सही क्यों बताया है?
Reed Rubinstein ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई असल में Israel और अमेरिका का आत्मरक्षा (self-defence) का कदम है. उनके मुताबिक, यह कोई नया युद्ध नहीं है बल्कि दशकों से चल रही ईरान की आक्रामकता का जवाब है. अमेरिका का कहना है कि उसने अपने सहयोगी Israel की मदद करने और अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है. हालांकि, 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था.
1 मई की डेडलाइन और War Powers Resolution क्या है?
अमेरिकी कानून ‘War Powers Resolution’ के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई शुरू करने के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है. इस संघर्ष के लिए यह समय-सीमा 1 मई को खत्म हो रही है. अगर मंजूरी नहीं मिली, तो राष्ट्रपति को या तो सेना वापस बुलानी होगी या फिर लिखित में 30 दिन का और समय मांगना होगा. इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में दो गुट बन गए हैं, जहां Democrats युद्ध खत्म करना चाहते हैं और Republicans इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं.
ताजा हालात और अन्य देशों का क्या कहना है?
हाल ही में राष्ट्रपति Donald Trump ने Israel और Lebanon के बीच ceasefire को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया है, लेकिन Hezbollah ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर M/V Touska नाम के जहाज को जब्त कर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया है. रूस के विदेश मंत्री Lavrov ने भी इस स्थिति की आलोचना की है. फिलहाल ईरान के विदेश मंत्री शांति के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरों पर हैं जबकि CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है.