मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है और इससे समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

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लगातार हमलों से सहमा इलाका

24 जुलाई 2026 को अमेरिका ने लगातार 13वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से समुद्री जहाजों को दी जा रही धमकियों को कम करने के लिए थी। जवाब में ईरान की सेना ने जॉर्डन के अल-अजराक और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हमले का दावा किया है।

खाड़ी देशों पर असर

तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में दिख रहा है। 24 जुलाई को बहरीन में सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। वहीं, 23 जुलाई को कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया। इन घटनाओं को देखते हुए यूके (UK) ने बहरीन और कुवैत के लिए ट्रैवल गाइडलाइंस जारी की हैं और नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

शांति की कोशिशें

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने 24 जुलाई को तेहरान का दौरा किया। उन्होंने वहां शांति और बातचीत के जरिए समस्या को सुलझाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के जानकारों ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और नागरिकों को हो रहे नुकसान पर चिंता जाहिर की है। हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर में एक और प्रमुख शिपिंग रूट बंद करने की धमकी दी है, जिससे समुद्री व्यापार और भी कठिन हो सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.