अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 7 मई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस घटना से पूरी दुनिया के तेल और शिपिंग रूट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

किन अमेरिकी जहाजों पर हुआ हमला और क्या था तरीका?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 7 मई को ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों पर हमला किया। इन जहाजों के नाम यूएसएस ट्रक्सटन (DDG-103), यूएसएस राफेल पेराल्टा (DDG-115) और यूएसएस मेसन (DDG-87) थे। हमले के लिए मिसाइलों, ड्रोन और तेज रफ्तार बोट्स का इस्तेमाल किया गया था।

  • अमेरिकी बचाव: अपनी रक्षा के लिए अमेरिकी जहाजों ने पांच इंच की नौसैनिक तोपों, क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) और छोटी बंदूकों का उपयोग किया।
  • हवाई हमला: अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टरों ने हेलफायर मिसाइलें दागीं।
  • नुकसान: अमेरिका का दावा है कि उसकी संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

अमेरिका और ईरान के दावों में क्या अंतर है?

इस हमले को लेकर दोनों देशों की बातें अलग-अलग हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अकारण हमला बताया और कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में ईरान की मिसाइल लॉन्च साइटों, कमांड सेंटरों और खुफिया केंद्रों को निशाना बनाया।

  • डोनाल्ड ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस हमले को लव टैप कहा, लेकिन चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौता नहीं करता तो बड़े स्तर के सैन्य हमले हो सकते हैं।
  • ईरान का आरोप: ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान हुआ है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने संघर्ष विराम तोड़ा और ईरानी तेल टैंकर तथा नागरिक इलाकों पर हवाई हमले किए।

खाड़ी देशों और तेल व्यापार पर क्या असर पड़ा?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है, इसलिए यहाँ की हलचल का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। इस लड़ाई के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया ताकि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोका जा सके।

शिपिंग इंटेलिजेंस फर्म लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, 4 मई से यह जलडमरूमध्य बंद है। ईरान ने जहाजों के आने-जाने की मंजूरी देने और टोल वसूलने के लिए एक नया फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण बनाया है। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में बंदर अब्बास और केशम के ईरानी बंदरगाहों को भी निशाना बनाया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ?

7 मई 2026 को ईरान ने अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों पर जवाबी हमला किया।

क्या इस हमले से तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा?

हाँ, लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक 4 मई से जलडमरूमध्य बंद है और ईरान ने टोल वसूलने के लिए नया प्राधिकरण बनाया है, जिससे वैश्विक शिपिंग प्रभावित हो सकती है।