अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। President Donald Trump ने Strait of Hormuz में फिर से नौसेना की नाकाबंदी लागू कर दी है और वहां से गुजरने वाले सभी कार्गो जहाजों पर 20 फीसदी टोल वसूलने का ऐलान किया है। इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही खींचतान के बीच युद्ध के लंबे खिंचने की खबरें केवल सोशल मीडिया की अफवाहें हैं।
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लगातार हो रहे हमले और बढ़ती असुरक्षा
CENTCOM ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ईरान के एयर-डिफेंस सिस्टम, रडार और मिसाइल ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है ताकि शिपिंग रूट को सुरक्षित रखा जा सके। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Bahrain, Kuwait, Oman और Jordan में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस संघर्ष में अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है। कुवैत और बहरीन में सायरन बजने के बाद वहां रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।
राजनयिक कोशिशों को झटका
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा है कि इससे कूटनीतिक रास्ते बंद हो गए हैं और क्षेत्र में फिर से असुरक्षा का माहौल बन गया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की है। United Nations ने भी हिंसा रोकने पर जोर दिया है। फिलहाल, अमेरिकी सरकार का कहना है कि वे इस समुद्री रास्ते के संरक्षक बने रहेंगे और यातायात जारी रखेंगे।
