अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जून 10 और 11, 2026 को दोनों देशों के बीच भारी सैन्य कार्रवाई हुई है। ईरान के सरकारी सूत्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से किसी भी संपर्क से इनकार किया है और हमलों का सैन्य जवाब देने की घोषणा की है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासी नागरिकों पर पड़ रहा है क्योंकि कई देशों में एयर रेड अलर्ट जारी किए गए हैं।

Strait of Hormuz बंद करने का हुआ ऐलान और जहाजों पर हमला

ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड ने 11 जून 2026 को महत्वपूर्ण जलमार्ग Strait of Hormuz को सभी प्रकार के व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बंद करने की घोषणा की है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर सीधा हमला किया जाएगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने नियम तोड़ने वाले दो जहाजों को निशाना बनाया है। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के रडार और हवाई रक्षा प्रणालियों पर कई हवाई हमले किए थे।

डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा विभाग की सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान ने बातचीत में बहुत ज्यादा समय गंवा दिया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी अमेरिकी नागरिक की जान जाती है, तो इसका अंजाम बेहद विनाशकारी होगा। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिकी सेना ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है और Strait of Hormuz पर नियंत्रण का दावा किया है।

बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अलर्ट और उड़ते ड्रोन

ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं, जिसके बाद इन देशों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है। जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा में ईरान की 5 मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। इस अशांति के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है क्योंकि हवाई यात्राएं और तेल की सप्लाई प्रभावित होने की पूरी आशंका बनी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच ताजा सैन्य तनाव की वजह क्या है?

जून 8 को अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद अमेरिका ने जवाबी हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।

Strait of Hormuz बंद होने का क्या प्रभाव पड़ेगा?

Strait of Hormuz वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे प्रमुख समुद्री रास्ता है। इसके बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होगी और खाड़ी देशों से आने-जाने वाले जहाजों का संचालन रुक जाएगा।