होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 20 जुलाई 2026 को लगातार नौवीं रात अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। US Central Command (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों में ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस साइट्स और ड्रोन लॉन्च पैड को निशाना बनाया गया है।

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तनाव और हमलों का असर

इस संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिक जान गंवा चुके हैं। हाल ही में इराक में एक नाकाम ड्रोन के धमाके में एक और अमेरिकी जवान की मौत हो गई। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर मिसाइल दागने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों में उसके बुशहर, तबरीज़ और बंदर अब्बास जैसे शहरों को नुकसान पहुँचा है। कुवैत में भी लगातार दूसरे दिन बिजली और खारे पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट पर ड्रोन हमले हुए हैं, जिन्हें वहां की एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया है।

समुद्री मार्ग और राजनयिक स्थिति

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश को इस जलमार्ग पर टोल वसूलने का अधिकार नहीं है। दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इसे अमेरिका के साथ ‘पूर्ण युद्ध’ करार दिया है। हालांकि, सैन्य तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रहने की खबरें आ रही हैं। ओमान के तट के पास एक जहाज में आग लगने की घटना भी सामने आई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.