खाड़ी देशों में तनाव का माहौल गहरा गया है क्योंकि US Central Command (CENTCOM) ने 15 जुलाई 2026 को ईरान पर लगातार चौथे दिन हवाई हमले किए। यह सैन्य कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली, जिसमें अमेरिकी फाइटर जेट्स, ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल करके ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइट्स और तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया। CENTCOM के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

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तनाव के बीच ईरान का पलटवार

इस हमले के जवाब में ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। कुवैत और जॉर्डन की सेनाओं ने अपने क्षेत्र में ईरान से आए मिसाइलों और प्रोजेक्टाइल को मार गिराने की पुष्टि की है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ यह सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते। उन्होंने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और असर

मध्य पूर्व में इस समय 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत और सैकड़ों विमान तैनात हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स से 130 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि फ्रीज कर दी है और नए प्रतिबंध लागू किए हैं। दूसरी तरफ, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर अमेरिका पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का असर अब उन प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है जो इन देशों में रहते हैं या वहां से यात्रा करते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com